India Post GDS Cut Off 2026: भारतीय डाक विभाग (India Post) की Gramin Dak Sevak (GDS) भर्ती का इंतज़ार कर रहे लाखों युवाओं के लिए 2026 एक बड़ा अवसर लेकर आया है। इस साल 28,636 पदों पर निकली इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई परीक्षा नहीं होनी है। सारा खेल आपकी 10वीं कक्षा के अंकों (Percentage) का है। लेकिन बिना परीक्षा के नौकरी सुनने में जितनी आसान लगती है, इसकी मेरिट लिस्ट (Cut-off) उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है।
India Post GDS Result 2026 लिस्टवार जारी होने को लेकर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अगर आप भी इस उलझन में हैं कि आपके 70%, 80% या 90% मार्क्स पर सिलेक्शन होगा या नहीं, तो यह आर्टिकल हमने आपके लिए लिखा है, इसमें आपके सवालों के जवाब सटीकता से मिल जाएंगे। आप ध्यानपूर्वक इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।
GDS 2026 भर्ती: एक नज़र में मुख्य जानकारी
इससे पहले कि हम कट-ऑफ की बात करें, यह जान लेना जरूरी है कि भर्ती प्रक्रिया अभी किस चरण में है:
| रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तारीख | 31 /01/ 2026 |
| रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख | 14 /02/ 2026 |
| एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना शुरू हुआ | 02 /02/ 2026 |
| एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख | 16 /02/ 2026 |
| एप्लीकेशन करेक्शन विंडो | 18 /02/ 2026 & 19 /02/ 2026 (पूरी हो चुकी) |
| पहली मेरिट लिस्ट | मार्च 2026 |
| चयन का आधार | 10वीं के अंकों की मेरिट (Merit-based) |
श्रेणी-वार अपेक्षित कट-ऑफ 2026 (Expected Cut-off)
2026 की प्रतियोगिता और पिछले 2-3 सालों के रुझानों को देखते हुए, एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार भी कट-ऑफ काफी ‘हाई’ रहने वाली है। नीचे दी गई तालिका एक संभावित अनुमान प्रदान करती है:
| श्रेणी (Category) | सुरक्षित स्कोर (Safe Score %) |
| सामान्य (General/UR) | 88% – 96% |
| OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) | 85% – 92% |
| EWS (आर्थिक रूप से कमजोर) | 84% – 93% |
| SC (अनुसूचित जाति) | 80% – 88% |
| ST (अनुसूचित जनजाति) | 78% – 86% |
| PwD (दिव्यांग श्रेणी) | 70% – 80% |
ध्यान दें: यह एक औसत अनुमान है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 98% तक भी जा सकती है।
GDS राज्य-वार कट-ऑफ: कहाँ कम नंबर पर भी चांस है?
अक्सर उम्मीदवार पूछते हैं कि क्या 75-80% वालों का बिल्कुल भी मौका नहीं है? ऐसा नहीं है।
- हाई कट-ऑफ जोन: उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और दिल्ली। यहाँ 90% से कम वालों के लिए पहली लिस्ट में नाम आना थोड़ा मुश्किल होता है।
- लो कट-ऑफ जोन: नॉर्थ-ईस्ट के राज्य, असम, ओडिशा, और महाराष्ट्र के कुछ ग्रामीण इलाके। यहाँ कभी-कभी 75% से 82% के बीच भी उम्मीदवारों का चयन हो जाता है।
India Post GDS चयन प्रक्रिया का गणित: 10वीं के मार्क्स कैसे गिने जाते हैं?
डाक विभाग एक पारदर्शी सिस्टम का उपयोग करता है। यदि आपके बोर्ड में ग्रेड (CGPA) दिए जाते हैं, तो विभाग उसे प्रतिशत में बदलने के लिए 9.5 के गुणांक का उपयोग करता है। उदाहरण के लिए यदि आपका CGPA 9.0 है, तो आपका स्कोर $9.0 \times 9.5 = 85.5\%$ गिना जाएगा। मेरिट लिस्ट दशमलव के चार अंकों तक सटीक बनाई जाती है ताकि बराबरी (Tie) की संभावना कम रहे।
क्या होगा अगर दो लोगों के नंबर बराबर हों? (Tie-Breaker Rule)
अगर दो उम्मीदवारों के 10वीं में बिल्कुल बराबर मार्क्स हैं, तो चयन के लिए ये नियम अपनाए जाते हैं:
- उम्र: जिसकी उम्र ज्यादा होगी, उसे वरीयता दी जाएगी।
- कैटेगरी: उम्र भी समान होने पर रिजर्व्ड कैटेगरी (ST/SC/OBC) के हिसाब से प्राथमिकता तय होती है।
India Post GDS रिजल्ट और पहली मेरिट लिस्ट कब आएगी?
ताज़ा अपडेट्स के अनुसार, डाक विभाग मार्च 2026 के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक पहली मेरिट लिस्ट जारी कर सकता है। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को Document Verification (DV) के लिए बुलाया जाएगा। याद रखें, GDS की एक नहीं बल्कि 4 से 6 वेटिंग लिस्ट (Supplementary Lists) भी आती हैं, इसलिए पहली लिस्ट में नाम न होने पर निराश न हों, अगली लिस्ट का इंतजार करें।
निष्कर्ष: क्या आपको उम्मीद रखनी चाहिए?
अगर आपके मार्क्स 85% से ऊपर हैं, तो आप रेस में मजबूती से बने हुए हैं। लेकिन अगर आपके मार्क्स 70-80% के बीच हैं, तो आपको कम कट-ऑफ वाले सर्कल्स या बाद की वेटिंग लिस्ट्स का इंतज़ार करना चाहिए।
GDS की नौकरी उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो अपने गांव या पास के कस्बे में रहकर सरकारी सेवा से जुड़ना चाहते हैं और साथ ही आगे की पढ़ाई या अन्य परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं।







